केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा हाट गम्हरिया तथा मझगांव में एकलव्य विद्यालय का शिलान्यास

जनजातीय समाचार झारखंड के राज्य प्रमुख राजन सिंह जमशेदपुर की रिपोर्ट
जमशेदपुर 4 जुलाई – केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा जी ने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला में दो एकलव्य विद्यालय का शिलान्यास किया ।
केंद्र मंत्री अर्जुन मुंडा आज मध्यान्ह लगभग 12:00 बजे चाईबासा पहुंचे वहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया उसके पश्चात झारखंड में जनजातीय बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा मुहैया कराने उद्देश्य से हाटगम्हरिया प्रखंड के सिलईजोड़ा तथा मझगांव प्रखंड के हल्दिया गांव में एकलव्य विद्यालय का शिलान्यास किया ।
जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा झारखंड में एकलव्य माडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला रखेंगे। इसकी शुरुआत 3 व 4 जुलाई को पश्चिम सिंहभूम व पूर्वी सिंहभूम से करेंगे। यह जानकारी पश्चिम सिंहभूम भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन पुरती ने दी है। उन्होंने बताया कि मुंडा 3 जुलाई को सरायकेला- खरसावां के राजनगर प्रखंड के खैरबानी में सुबह 11 बजे आधारशिला रखेंगे। उसी दिन दोपहर 3 बजे पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत हाटगम्हरिया प्रखंड के सियालजोड़ी गांव में एवं मझगांव प्रखंड के हल्दिया गांव में अपराह्न 4 बजे एकलव्य विद्यालय की आधारशिला रखेंगे। 4 जुलाई को पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांधा प्रखंड के हतीआपता गांव में दोपहर 12.30 बजे एवं धालभूमगढ़ के घोरधुआं में दोपहर 3.30 बजे एकलव्य विद्यालय की आधारशिला रखेंगे। जिलाध्यक्ष विपिन पुरती ने बताया कि एकलव्य स्कूलों की शुरुआत 1997-98 में अनुसूचित जनजाति छात्रों (कक्षा 6 से 12 वीं) के लिए प्राथमिक से लेकर 12वीं स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ तक पहुंचने में सक्षम बनाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे और बेहतर बनाने के लिए 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषणा की कि 50 प्रतिशत से अधिक एसटी आबादी और कम से कम 20,000 आदिवासी व्यक्तियों वाले प्रत्येक ब्लाक में एकलव्य माडल आवासीय विद्यालय होगा। सरकार ने देश भर में 452 नए स्कूल स्थापित करने का
निर्णय लिया है। नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एकलव्य स्कूलों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत राज्य में एक पहचाने गए व्यक्तिगत खेल और एक समूह के खेल के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। खेल के लिए इन सीओई में भारतीय खेल प्राधिकरण के मानदंडों के अनुसार अत्याधुनिक प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण, बोर्डिंग और ठहरने की सुविधा, खेल किट, खेल उपकरण, प्रतियोगिता प्रदर्शन, बीमा, चिकित्सा व्यय आदि के साथ-साथ अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी।
इसी दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री अर्जुन मुंडा जी ने कहा आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा की कमी है इसीलिए केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को बढाने के उद्देश्य से जनजातीय विद्यालयों की स्थापना किए जाने की बात कही ।इस कार्यक्रम में सांसद गीता कोड़ा , चाईबासा विधायक दीपक बीरूवा , पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा , उपायुक्त अनन्य मित्तल तथा अन्य सरकारी कर्मचारी उपस्थित थे